Taj Mehal is Symobal of love
Taj Mehal भारतीय शहर आगरा जो के Uter pardesh राज्य मे पड़ता हैं यमुना नदी के दक्षिणी तट पर एक हाथीदांत-सफेद संगमरमर का मकबरा है। इसे 1632 में मुगल सम्राट शाहजहाँ (1628 से 1658 तक शासन किया) द्वारा अपनी पसंदीदा पत्नी मुमताज महल की कब्र बनाने के लिए बनवाया गया था।
Dubai में 2 साल काम करके वहां से मैं यूरोपियन कंट्री में शिफ्ट हो गया और फिर वहां 2 साल काम किया। टोटल चार साल बाद में अपने घर इंडिया वापस आया। इतने वर्षों के बाद घर आया सब लोग मेरा इंतजार कर रहे थे और city भी नया-नया लग रहा था।
जहां तक के मैंने अपना बेटा भी 4 साल बाद देखा था। उसने मुझे पहचान लिया क्योंकि फोन में बात होती थी।
मेरी फ्लैट सुबह के 2:00 लैंड हुई थी। फिर वहां से हमने गुरुद्वारा बंगला साहिब जाकर माथा टेका और रब उसका शुकराना किया।
माथा टेकने के बाद में पुरानी दिल्ली रवाना हो गया वहां से मेरी ट्रेन की टिकट बुकिंग थी और जब मुझे मालूम पड़ा के मेरी ट्रेन 8 घंटे लेट है। मैं तो परेशान हो गया। 24घंटे की मुझे पहले से ही थकावट थी और इंडिया में मुझे अभी ज्यादा मालूम भी नहीं था। फिर में बस स्टैंड पड़ गया। बस स्टैंड पर जाकर मैंने एक बस पकड़ी और बस ने मुझे 8 घंटे के बाद अपने घर पर पहुंचा। मुझे बढ़ा अजीब सा लगा कि
8 घंटे का समय मुझे इटली से दिल्ली आने में लग गया और 8 घंटे का ही समय मुझे दिल्ली से अपने शहर तक जाने के लिए लग गया।
घर आकर बच्चों से मिला मां-बाप से मिला सब बड़े खुश थे और बच्चों की निगाह मेरे बैग पर थी क्योंकि इतने वर्षों के बाद में घर में आया था। बच्चों को आस थी ;पापा हमारे लिए क्या लेकर आए वह बार-बार मेरे बैग को
देख रहे थे। रात काफी हो चुकी थी। हम लोग सो गए। सुबह उठने सारे ही बच्चों ने पहले बैग के बारे में पूछा। मैंने बैग खोला और उनको उनके गिफ्ट दे दिए और वह बहुत खुश थे।
ठंडी का मौसम था और बच्चे भी काफी टाइम से कहीं नहीं गए थे। हमने घूमने का विचार बनाया और हमने Taj Mahal जाने का प्रोग्राम बनाया है क्योंकि वह मैंने भी नहीं देखा था और मेरी भी मे देखने की इच्छा थी और हमने टिकट बुक की पहले हम दिल्ली गए लाल किला देखा और वहां एक दिन ठहरे गुरुद्वारों के दर्शन किए।
और फिर हम वहां से Taj Mahal देखने के लिए निकल पड़े। हमारी 6:00 बजे ट्रेन थी और 9:00 हमने आगरा पहुंचना था। जब हम ट्रेन में सफर कर रहे थे तो मेरी बेटियों ने Taj Mehal के बारे में बहुत कुछ पहले ही हमको बता दिया.https://dilkibatien.com/what-is-inside-the-taj-mahel/
लेकिन हमको ट्रेन ने रात के 12:00 पहुंचाया अब रात काफी हो चुकी थी। बच्चों के साथ हम अकेले थे। अनजान जगह थी। हम जब स्टेशन पर उतरे तो सभी लोग हमारे आगे पीछे आने लगे। होटल बुकिंग के लिए रात काफी हो चुकी थी। बच्चे मेरे साथ से और हम घबरा भी रहे थे। लेकिन फिर मैंने उसे ऑटो वाले का नाम पता और ऑटो के नंबर प्लेट की फोटो खींच कर एक घर में सैंड कर दी और एक अपनी बीवी को दे दी फिर मैं ऑटो वालों के साथ होटल देखने चला गया। उसे रात मैंने कुछ नहीं देखा। जैसा भी मुझे होटल मिला। मैंने बुक कर लिया। हमने सिर्फ 4/5घंटे का समय गुजरना था और सुबह फिर ताजमहल देखने के लिए जाना था तो हम वहां रुक ग
सुबह होटल वालों ने हमको 500 में एक ऑटो बुक कर दिया कि आपको यह सब जगह घुमा देगा। हमको क्या मालूम था वहां से ₹10 में Taj Mahal जा सकते हैं हमको कुछ नहीं मालूम था, हमने बुक कर लिया और जब हमने देखा कि तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर वह ताजमहल था।
हम सुबह होटल से जल्दी Taj Mahal चले गए थे। तब वहां लोग भी बहुत कम थे और हमारी बारी भी जल्दी आ गई। हमने टिकट ली और अंदर इंट्री की बच्चे बहुत खुश थे। हमने बहुत सारी पिक्चरें दी और Taj Mehal देखने के लिए आगे बढ़ गए। लेकिन अंदर जाने के लिए एक और टिकट लेना पड़ता था। वह हमने नहीं। लिया
एक टिकट का प्राइस ₹250 था और हम चार लोग थे। पहले हमने सोचा अंदर ना जाए क्योंकि कुछ लोग बोल रहे थे। अंदर देखने के लिए कुछ भी नहीं है। लेकिन फिर हमने सोचा इतनी दूर आए हैं। अंदर ना आ गए तो मन में बना रहेगा। हमने अंदर नहींगए ना जाने अंदर किया होगा! मैंने देखा बच्चों का मन कर रहा था। फिर हमने टिकट ली और बहुत सारी लंबी लाइन लगी थी। गरमी भी बहुत लग रही थी। वाक्य वह ही बात हुई जब हम अंदर गए। ऐसे लैंड में जाओ और लाइन से ही बाहर आ जाओ। अंदर देखने को कुछ नहीं मिला। हमको कुछ भी नहीं देखा। वो जो Shah Jahan and Mumtaz की कबरे थीं बस और अंदर देखने के लिए कुछ भी नहीं था।
बताया जाता है कि शाहजहाँ की पसंदीदा पत्नी मुमताज महल का 1631 में प्रसव के दौरान निधन हो गया, जिससे शाहजहाँ बहुत दुखी हुआ और उसके प्यार के लिए उसको याद करने के लिए उसने उसके लिए एक शानदार मकबरा बनवाने की कसम खाई, एक वादा जो ताजमहल बन गया।
Taj Mehal निर्माण 1632 में शुरू हुआ और 1653 में पूरा हुआ। Taj Mahel का निर्माण सफेद संगमरमर का उपयोग करके किया गया था, और इसमें दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कुशल कारीगरों ने कीमती पत्थरों और सुलेख का उपयोग किया था। और यह भी बताया जाता हैं कि जिस कारीगर ने ताजमहल बनिया था उसके हाथ काट दिया या ताक कोई और ऐसा ना बना सके
हम सब ने बहुत एंजॉय किया और बहुत कुछ देखा आगरा का फैमस पेठा लिया और फिर हमने अपने घर वापसी की